उत्तर प्रदेष में कुछ बढ़ रहा हो या न बढ़ रहा हो लेकिन अपहरणए लूटए चोरीए बलात्कार और हत्या जैसी वारदाते रोजाना ही बढ़ती जा रही है और उनपर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार की कानून व्यवस्था भी पूरी तरह से विफल नजर आ रही है यह आरोप विपक्षी पार्टियों ने लगाया है। साथ ही कानून व्यवस्था को दुरूस्त बनाने के लिए किसी ने भी कोई उपाए नही बताया वही राज्य सरकार के मंत्री व नेताओं ने तो यह तक कह दिया कि प्रदेष में अपराध हुआ ही कहां है और पिछली सरकार की तुलना में अपराध कम हुआ है। बीजेपी के ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था पर केन्द्र सरकार में भी चर्चा की गई है और उत्तर प्रदेष पर नजर रखी जा रही है। वही राज्यपाल राम नाईक की बात करे तो उन्होने पहले तो कुछ भी कानून व्यवस्था पर बोलने से इंकार किया फिर बाद में उन्होने साफ जाहिर कर दिया कि अखबारों और टीवी पर उन्हे अपराध और अपराध ही दिख रहा है जिसके लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए और उत्तर प्रदेष में अपराध काफी फैल गया है।
वही स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन की बात करे तो उन्होने तो साफ तौर पर कह दिया कि उत्तर प्रदेष की कानून व्यवस्था कब खराब हुई है और प्रदेष में अपराध भी इतना ज्यादा नही जितना बाहर के प्रदेषों में है साथ ही उन्होने केन्द्र सरकार और बीएसपी सरकार को आड़े हाथ लिया वही बसपा सुप्रीमों मायावती ने एक प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा था कि प्रदेष में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और जहां पर भी अपराध होता है वहां पर उनकी पार्टी के नेता घटनाक्रम की जानकारी के लिए पहंुच जाते है। साथ ही उन्होने यह भी कहा था कि वह लोगो की वाह वाही नही लूटना चाहती इसलिए किसी भी बड़ी खबर पर खुद नही पहंुचती है। वही सपा के नेता जमषेद ने कहा कि उत्तर प्रदेष में कानून कभी ध्वस्त हुआ ही नही है साथ ही अपराध सिर्फ प्रदेष में ही नही और सभी जगह फैला हुआ है उन्होने कहा कि राज्य सरकार पर निषाना साधना पूरी तरह गलत होगा जबकि पिछली सरकार में सिर्फ पत्थर ही पत्थर हर दिखे जब कि सपा सरकार में लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिला है। वही बीजेपी प्रवक्ता विजय पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेष में कानून व्यवस्था की लागाम को सही से थामा नही गया है और बढ़ते अपराध पर राज्य सरकार व पुलिस का लचर रवैया रहा जिसके कारण अपराधिक मामले रूकने का नाम नही ले रहे है। उन्होने कहा कि प्रदेष की सरकार से लोगो का काफी उम्मीदे थी कानून व्यवस्था को लेकर लेकिन कानून व्यवस्था पूरी ही तरह से लचर दिखाई पड़ रही है। वही लोगो की माने तो उन्होने ने पूरी तरह से राज्य सरकार की लचर रवैया व कानून व्यवस्था पर अपनी उंगली उठाई और जिस तरह से हत्याए हो रही है उनमें कानून का सख्त रवैया होना जरूरी है साथ ही कहा कि पुलिस घटनाक्रम को गम्भीरता से ले तो षायद बढ़ते अपराध पर अंकुष लग सकता है।
राजधानी लखनऊ में अब तक नही हुए इन हत्याओं के खुलाषें
मार्च 2012 में महानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिप्टी एसपी की वृद्वा पत्नी अनीता षर्मा की हत्या का मामला
फरवरी 2014 बाजार खाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिप्टी जेलर की पत्नी की हत्या
मार्च 2013 चैक थाना क्षेत्र के अंतर्गत धोबीसराए इलाके में मासूम की दर्दनाक हत्या का मामला
मार्च 2014 वजीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेट्रोल पम्प मालिक एम बी त्रिवेदी की हत्या का मामला
नवम्बर 2012 में गुडम्बा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेवानिवृत षिक्षक ष्याम सुंदर यादव की हत्या का मामला
जून 2014 पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत घर में घुसकर वृद्व की हत्या का मामला
अगस्त 2014 ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालागंज इलाके में षिक्षक की हत्या का मामला
स्लग- झोलाछाप डाक्टर उत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री चाहे जितना भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सोचे लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही है सरकारी डाक्टर और न ही उनकी स्वास्थ्य सेवा है। ऐसे में झोलाछाप डाक्टरों ने अपना आतंक मचा रखा है और धड़ल्ले से अपने निजी मकान में स्वास्थ्य केन्द्र खोलकर ग्रामीणों को धोखा दे रहे है झोलाछाप डाक्टरों को नही फ्रिक हेै ग्रामीणों के जान माल की क्योकि न तो डिग्री है डाक्टर के पास और नही ही रजिस्ट्रेषन ही है साथ ही झोलाछाप डाक्टर ने खुद को यह तक बता डाला की वह उस क्लीनिक का सफाई का काम काज करता है। अगर बात करे क्लीनिक की तो के न्यूज के कैमरे में कैद हुआ पूरा स्वास्थ्य केन्द्र जहां दवाईयों के साथ.साथ क्लीनिक में एमरजेन्सी विभाग भी बना हुआ है जहां झोलाछाप डाक्टर ग्रामीणों के लिए तखत डलवा रखा है और एमरजेन्सी में उनका इलाज भी वही होता है। ऐसे में ग्रामीण करे तो क्या करे। मलिहाबाद गांव में झोलाछाप डाक्टर का मचा है आतंक और ग्रामीणों को दे रहा है धोखा ऐसे में के न्यूज की टीम ने जायजा लिया क्लीनिक का तो क्लीनिक के मालिक राम किषन ने पहले तो खुद को क्लीनिक का सफाई कर्मचारी बताया फिर बताया कि क्लीनिक के मालिक लखनऊ में रहते है और वह आते रहते है। जब आगे पूछा गया कि यहां पर कौन.कौन से मरीज आते है तो झोलाछाप ने कहा कि मेरे पास आयुर्वेदिक की डिग्री है और मै ही क्लीनिक का संचालन कर रहा हूं वैसे बुखार व कुपोशण रोग के मरीज आते है। वही पूर्वी विधान सभा उपचुनाव प्रत्याषी जूही सिंह के कार्यक्रम में षिरकत कर रहे स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन से जब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ.साथ झोलाछाप डाक्टर के बारे में पूछा तो उनका जवाब ऐसा रहा कि वह किसी को भी तंग कर जाएगा उन्होने कहा हजारों डाक्टरों का संचालन कर लिया गया है और उन्हे ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाए गा। वही ग्रामीण की माने तो उनका साफ तौर पर कहना था कि सरकार की योजनाए केवल षहर तक ही सीमित है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी नजर नही पड़ रही है यहां पर झोलाछाप डाक्टरों से इलाज कराना उनकी मजबूरी है और करे भी तो क्या करे। जहां ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य योजनाए फीकी है साथ ही गांवो की माने तो सभी गांवों वाले इन झोलाछाप डाक्टरों के भरोसे ही जीवन व्यतीत कर रहे है। बताते चलें कि सीएमओ एसएनएस यादव की तरफ से यह निर्देश बीते सोमवार को निरालानगर क्रासिंग स्थिात एक अल्ट्राससाउंड सेंटर को सील किए जाने के बाद आया है। इसमें कहा गया है कि 2ध्2 फिट के आकार के बोर्ड या वॉल पेंटिग जिसकी पृष्ठेभूमि पीले रंग की हो। उस पर डॉक्टकर का नामएमोबाइल नंबरए प्रदेश स्तररीय पंजीकरण संख्या्ए मुख्यो चिकित्सा धिकारी द्वारा जारी पंजीकरण संख्या्र का विवरण अवश्य̋ दें। साथ ही यह सूचना जन सामान्य को दिखाई देने वाले स्था्न पर ही अंकित कराने का निर्देश दिया गया है।
डॉक्टरों की छवि को देख कदम उठाना जरूरी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एसएनएस यादव ने बताया कि राजधानी में कथित झोलाछाप और गैरण्पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा निजी हित में जनण्सामान्य के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर कुशल डॉक्टऔरों की छवि बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों का मर्ज भी बढ़ रहा है। उन्हों ने कहा कि इस पर रोक लगाने के उदेश्यि से यह कदम उठाया गया है।
निर्देश का पालन जरूरी
सीएमओ ने बताया कि जो निर्देश जारी किए गए हैंए उनका पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी डॉक्टेर के क्लीहनिक के सामने यह नहीं दिखाई देता है तो आदेश के उल्लंहघन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
महत्वपूर्ण प्रष्न
1- अगर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं है तो क्यो चला रहे झोलाछाप डाक्टर क्लीनिक
2- झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ सीएमओ एसएन यादव ने पहले क्यो नही षुरू की मुहीम
3- स्वास्थ्य मंत्री से झोलाछाप डाक्टरो के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब रहा की हजारो डाक्टरों को भेजा जाएगां गांवो मेंए पहले क्यो नही सोचा इस बारे में
4- मंत्री जी के जवाब से यह भी पता चल गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डाक्टरों की संख्या कम है ऐसा क्यो
5- आखिर कब तक रहे गें ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरो के भरोसे है गांवों वाले
6- गांव में नही दिखा किसी भी क्लीनिक बोर्ड पर डाक्टर का नाम या फोन नंबर जब कि सीएमओ का ओदष है।
7- ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही हो रही जांच सिर्फ राजधानी तक ही क्यो सीमित है जांच 8- आखिर राजधानी के मुकाबले क्यो बदहाल के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं
स्लग- झोलाछाप डाक्टर उत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री चाहे जितना भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सोचे लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही है सरकारी डाक्टर और न ही उनकी स्वास्थ्य सेवा है। ऐसे में झोलाछाप डाक्टरों ने अपना आतंक मचा रखा है और धड़ल्ले से अपने निजी मकान में स्वास्थ्य केन्द्र खोलकर ग्रामीणों को धोखा दे रहे है झोलाछाप डाक्टरों को नही फ्रिक हेै ग्रामीणों के जान माल की क्योकि न तो डिग्री है डाक्टर के पास और नही ही रजिस्ट्रेषन ही है साथ ही झोलाछाप डाक्टर ने खुद को यह तक बता डाला की वह उस क्लीनिक का सफाई का काम काज करता है। अगर बात करे क्लीनिक की तो के न्यूज के कैमरे में कैद हुआ पूरा स्वास्थ्य केन्द्र जहां दवाईयों के साथ.साथ क्लीनिक में एमरजेन्सी विभाग भी बना हुआ है जहां झोलाछाप डाक्टर ग्रामीणों के लिए तखत डलवा रखा है और एमरजेन्सी में उनका इलाज भी वही होता है। ऐसे में ग्रामीण करे तो क्या करे। मलिहाबाद गांव में झोलाछाप डाक्टर का मचा है आतंक और ग्रामीणों को दे रहा है धोखा ऐसे में के न्यूज की टीम ने जायजा लिया क्लीनिक का तो क्लीनिक के मालिक राम किषन ने पहले तो खुद को क्लीनिक का सफाई कर्मचारी बताया फिर बताया कि क्लीनिक के मालिक लखनऊ में रहते है और वह आते रहते है। जब आगे पूछा गया कि यहां पर कौन.कौन से मरीज आते है तो झोलाछाप ने कहा कि मेरे पास आयुर्वेदिक की डिग्री है और मै ही क्लीनिक का संचालन कर रहा हूं वैसे बुखार व कुपोशण रोग के मरीज आते है। वही पूर्वी विधान सभा उपचुनाव प्रत्याषी जूही सिंह के कार्यक्रम में षिरकत कर रहे स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन से जब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ.साथ झोलाछाप डाक्टर के बारे में पूछा तो उनका जवाब ऐसा रहा कि वह किसी को भी तंग कर जाएगा उन्होने कहा हजारों डाक्टरों का संचालन कर लिया गया है और उन्हे ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाए गा। वही ग्रामीण की माने तो उनका साफ तौर पर कहना था कि सरकार की योजनाए केवल षहर तक ही सीमित है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी नजर नही पड़ रही है यहां पर झोलाछाप डाक्टरों से इलाज कराना उनकी मजबूरी है और करे भी तो क्या करे। जहां ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य योजनाए फीकी है साथ ही गांवो की माने तो सभी गांवों वाले इन झोलाछाप डाक्टरों के भरोसे ही जीवन व्यतीत कर रहे है। बताते चलें कि सीएमओ एसएनएस यादव की तरफ से यह निर्देश बीते सोमवार को निरालानगर क्रासिंग स्थिात एक अल्ट्राससाउंड सेंटर को सील किए जाने के बाद आया है। इसमें कहा गया है कि 2ध्2 फिट के आकार के बोर्ड या वॉल पेंटिग जिसकी पृष्ठेभूमि पीले रंग की हो। उस पर डॉक्टकर का नामएमोबाइल नंबरए प्रदेश स्तररीय पंजीकरण संख्या्ए मुख्यो चिकित्सा धिकारी द्वारा जारी पंजीकरण संख्या्र का विवरण अवश्य̋ दें। साथ ही यह सूचना जन सामान्य को दिखाई देने वाले स्था्न पर ही अंकित कराने का निर्देश दिया गया है।
डॉक्टरों की छवि को देख कदम उठाना जरूरी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एसएनएस यादव ने बताया कि राजधानी में कथित झोलाछाप और गैरण्पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा निजी हित में जनण्सामान्य के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर कुशल डॉक्टऔरों की छवि बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों का मर्ज भी बढ़ रहा है। उन्हों ने कहा कि इस पर रोक लगाने के उदेश्यि से यह कदम उठाया गया है।
निर्देश का पालन जरूरी
सीएमओ ने बताया कि जो निर्देश जारी किए गए हैंए उनका पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी डॉक्टेर के क्लीहनिक के सामने यह नहीं दिखाई देता है तो आदेश के उल्लंहघन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
महत्वपूर्ण प्रष्न
1- अगर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं है तो क्यो चला रहे झोलाछाप डाक्टर क्लीनिक
2- झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ सीएमओ एसएन यादव ने पहले क्यो नही षुरू की मुहीम
3- स्वास्थ्य मंत्री से झोलाछाप डाक्टरो के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब रहा की हजारो डाक्टरों को भेजा जाएगां गांवो मेंए पहले क्यो नही सोचा इस बारे में
4- मंत्री जी के जवाब से यह भी पता चल गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डाक्टरों की संख्या कम है ऐसा क्यो
5- आखिर कब तक रहे गें ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरो के भरोसे है गांवों वाले
6- गांव में नही दिखा किसी भी क्लीनिक बोर्ड पर डाक्टर का नाम या फोन नंबर जब कि सीएमओ का ओदष है।
7- ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही हो रही जांच सिर्फ राजधानी तक ही क्यो सीमित है जांच 8- आखिर राजधानी के मुकाबले क्यो बदहाल के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं
ReplyDeleteस्लग. कानून व्यवस्था
उत्तर प्रदेष में कुछ बढ़ रहा हो या न बढ़ रहा हो लेकिन अपहरणए लूटए चोरीए बलात्कार और हत्या जैसी वारदाते रोजाना ही बढ़ती जा रही है और उनपर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार की कानून व्यवस्था भी पूरी तरह से विफल नजर आ रही है यह आरोप विपक्षी पार्टियों ने लगाया है। साथ ही कानून व्यवस्था को दुरूस्त बनाने के लिए किसी ने भी कोई उपाए नही बताया वही राज्य सरकार के मंत्री व नेताओं ने तो यह तक कह दिया कि प्रदेष में अपराध हुआ ही कहां है और पिछली सरकार की तुलना में अपराध कम हुआ है। बीजेपी के ग्रहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था पर केन्द्र सरकार में भी चर्चा की गई है और उत्तर प्रदेष पर नजर रखी जा रही है। वही राज्यपाल राम नाईक की बात करे तो उन्होने पहले तो कुछ भी कानून व्यवस्था पर बोलने से इंकार किया फिर बाद में उन्होने साफ जाहिर कर दिया कि अखबारों और टीवी पर उन्हे अपराध और अपराध ही दिख रहा है जिसके लिए कोई ठोस कदम उठाना चाहिए और उत्तर प्रदेष में अपराध काफी फैल गया है।
वही स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन की बात करे तो उन्होने तो साफ तौर पर कह दिया कि उत्तर प्रदेष की कानून व्यवस्था कब खराब हुई है और प्रदेष में अपराध भी इतना ज्यादा नही जितना बाहर के प्रदेषों में है साथ ही उन्होने केन्द्र सरकार और बीएसपी सरकार को आड़े हाथ लिया वही बसपा सुप्रीमों मायावती ने एक प्रेसवार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा था कि प्रदेष में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और जहां पर भी अपराध होता है वहां पर उनकी पार्टी के नेता घटनाक्रम की जानकारी के लिए पहंुच जाते है। साथ ही उन्होने यह भी कहा था कि वह लोगो की वाह वाही नही लूटना चाहती इसलिए किसी भी बड़ी खबर पर खुद नही पहंुचती है।
वही सपा के नेता जमषेद ने कहा कि उत्तर प्रदेष में कानून कभी ध्वस्त हुआ ही नही है साथ ही अपराध सिर्फ प्रदेष में ही नही और सभी जगह फैला हुआ है उन्होने कहा कि राज्य सरकार पर निषाना साधना पूरी तरह गलत होगा जबकि पिछली सरकार में सिर्फ पत्थर ही पत्थर हर दिखे जब कि सपा सरकार में लोगों को कई योजनाओं का लाभ मिला है।
वही बीजेपी प्रवक्ता विजय पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेष में कानून व्यवस्था की लागाम को सही से थामा नही गया है और बढ़ते अपराध पर राज्य सरकार व पुलिस का लचर रवैया रहा जिसके कारण अपराधिक मामले रूकने का नाम नही ले रहे है। उन्होने कहा कि प्रदेष की सरकार से लोगो का काफी उम्मीदे थी कानून व्यवस्था को लेकर लेकिन कानून व्यवस्था पूरी ही तरह से लचर दिखाई पड़ रही है।
वही लोगो की माने तो उन्होने ने पूरी तरह से राज्य सरकार की लचर रवैया व कानून व्यवस्था पर अपनी उंगली उठाई और जिस तरह से हत्याए हो रही है उनमें कानून का सख्त रवैया होना जरूरी है साथ ही कहा कि पुलिस घटनाक्रम को गम्भीरता से ले तो षायद बढ़ते अपराध पर अंकुष लग सकता है।
राजधानी लखनऊ में अब तक नही हुए इन हत्याओं के खुलाषें
मार्च 2012 में महानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिप्टी एसपी की वृद्वा पत्नी अनीता षर्मा की हत्या का मामला
फरवरी 2014 बाजार खाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिप्टी जेलर की पत्नी की हत्या
मार्च 2013 चैक थाना क्षेत्र के अंतर्गत धोबीसराए इलाके में मासूम की दर्दनाक हत्या का मामला
मार्च 2014 वजीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पेट्रोल पम्प मालिक एम बी त्रिवेदी की हत्या का मामला
नवम्बर 2012 में गुडम्बा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सेवानिवृत षिक्षक ष्याम सुंदर यादव की हत्या का मामला
जून 2014 पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत घर में घुसकर वृद्व की हत्या का मामला
अगस्त 2014 ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत बालागंज इलाके में षिक्षक की हत्या का मामला
स्लग- झोलाछाप डाक्टर
ReplyDeleteउत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री चाहे जितना भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सोचे लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही है सरकारी डाक्टर और न ही उनकी स्वास्थ्य सेवा है। ऐसे में झोलाछाप डाक्टरों ने अपना आतंक मचा रखा है और धड़ल्ले से अपने निजी मकान में स्वास्थ्य केन्द्र खोलकर ग्रामीणों को धोखा दे रहे है झोलाछाप डाक्टरों को नही फ्रिक हेै ग्रामीणों के जान माल की क्योकि न तो डिग्री है डाक्टर के पास और नही ही रजिस्ट्रेषन ही है साथ ही झोलाछाप डाक्टर ने खुद को यह तक बता डाला की वह उस क्लीनिक का सफाई का काम काज करता है। अगर बात करे क्लीनिक की तो के न्यूज के कैमरे में कैद हुआ पूरा स्वास्थ्य केन्द्र जहां दवाईयों के साथ.साथ क्लीनिक में एमरजेन्सी विभाग भी बना हुआ है जहां झोलाछाप डाक्टर ग्रामीणों के लिए तखत डलवा रखा है और एमरजेन्सी में उनका इलाज भी वही होता है। ऐसे में ग्रामीण करे तो क्या करे।
मलिहाबाद गांव में झोलाछाप डाक्टर का मचा है आतंक और ग्रामीणों को दे रहा है धोखा ऐसे में के न्यूज की टीम ने जायजा लिया क्लीनिक का तो क्लीनिक के मालिक राम किषन ने पहले तो खुद को क्लीनिक का सफाई कर्मचारी बताया फिर बताया कि क्लीनिक के मालिक लखनऊ में रहते है और वह आते रहते है। जब आगे पूछा गया कि यहां पर कौन.कौन से मरीज आते है तो झोलाछाप ने कहा कि मेरे पास आयुर्वेदिक की डिग्री है और मै ही क्लीनिक का संचालन कर रहा हूं वैसे बुखार व कुपोशण रोग के मरीज आते है।
वही पूर्वी विधान सभा उपचुनाव प्रत्याषी जूही सिंह के कार्यक्रम में षिरकत कर रहे स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन से जब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ.साथ झोलाछाप डाक्टर के बारे में पूछा तो उनका जवाब ऐसा रहा कि वह किसी को भी तंग कर जाएगा उन्होने कहा हजारों डाक्टरों का संचालन कर लिया गया है और उन्हे ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाए गा।
वही ग्रामीण की माने तो उनका साफ तौर पर कहना था कि सरकार की योजनाए केवल षहर तक ही सीमित है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी नजर नही पड़ रही है यहां पर झोलाछाप डाक्टरों से इलाज कराना उनकी मजबूरी है और करे भी तो क्या करे। जहां ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य योजनाए फीकी है साथ ही गांवो की माने तो सभी गांवों वाले इन झोलाछाप डाक्टरों के भरोसे ही जीवन व्यतीत कर रहे है।
बताते चलें कि सीएमओ एसएनएस यादव की तरफ से यह निर्देश बीते सोमवार को निरालानगर क्रासिंग स्थिात एक अल्ट्राससाउंड सेंटर को सील किए जाने के बाद आया है। इसमें कहा गया है कि 2ध्2 फिट के आकार के बोर्ड या वॉल पेंटिग जिसकी पृष्ठेभूमि पीले रंग की हो। उस पर डॉक्टकर का नामएमोबाइल नंबरए प्रदेश स्तररीय पंजीकरण संख्या्ए मुख्यो चिकित्सा धिकारी द्वारा जारी पंजीकरण संख्या्र का विवरण अवश्य̋ दें। साथ ही यह सूचना जन सामान्य को दिखाई देने वाले स्था्न पर ही अंकित कराने का निर्देश दिया गया है।
डॉक्टरों की छवि को देख कदम उठाना जरूरी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एसएनएस यादव ने बताया कि राजधानी में कथित झोलाछाप और गैरण्पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा निजी हित में जनण्सामान्य के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर कुशल डॉक्टऔरों की छवि बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों का मर्ज भी बढ़ रहा है। उन्हों ने कहा कि इस पर रोक लगाने के उदेश्यि से यह कदम उठाया गया है।
निर्देश का पालन जरूरी
सीएमओ ने बताया कि जो निर्देश जारी किए गए हैंए उनका पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी डॉक्टेर के क्लीहनिक के सामने यह नहीं दिखाई देता है तो आदेश के उल्लंहघन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
महत्वपूर्ण प्रष्न
1- अगर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं है तो क्यो चला रहे झोलाछाप डाक्टर क्लीनिक
2- झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ सीएमओ एसएन यादव ने पहले क्यो नही षुरू की मुहीम
3- स्वास्थ्य मंत्री से झोलाछाप डाक्टरो के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब रहा की हजारो डाक्टरों को भेजा जाएगां गांवो मेंए पहले क्यो नही सोचा इस बारे में
4- मंत्री जी के जवाब से यह भी पता चल गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डाक्टरों की संख्या कम है ऐसा क्यो
5- आखिर कब तक रहे गें ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरो के भरोसे है गांवों वाले
6- गांव में नही दिखा किसी भी क्लीनिक बोर्ड पर डाक्टर का नाम या फोन नंबर जब कि सीएमओ का ओदष है।
7- ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही हो रही जांच सिर्फ राजधानी तक ही क्यो सीमित है जांच
8- आखिर राजधानी के मुकाबले क्यो बदहाल के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं
स्लग- झोलाछाप डाक्टर
ReplyDeleteउत्तर प्रदेष के मुख्यमंत्री चाहे जितना भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सोचे लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही है सरकारी डाक्टर और न ही उनकी स्वास्थ्य सेवा है। ऐसे में झोलाछाप डाक्टरों ने अपना आतंक मचा रखा है और धड़ल्ले से अपने निजी मकान में स्वास्थ्य केन्द्र खोलकर ग्रामीणों को धोखा दे रहे है झोलाछाप डाक्टरों को नही फ्रिक हेै ग्रामीणों के जान माल की क्योकि न तो डिग्री है डाक्टर के पास और नही ही रजिस्ट्रेषन ही है साथ ही झोलाछाप डाक्टर ने खुद को यह तक बता डाला की वह उस क्लीनिक का सफाई का काम काज करता है। अगर बात करे क्लीनिक की तो के न्यूज के कैमरे में कैद हुआ पूरा स्वास्थ्य केन्द्र जहां दवाईयों के साथ.साथ क्लीनिक में एमरजेन्सी विभाग भी बना हुआ है जहां झोलाछाप डाक्टर ग्रामीणों के लिए तखत डलवा रखा है और एमरजेन्सी में उनका इलाज भी वही होता है। ऐसे में ग्रामीण करे तो क्या करे।
मलिहाबाद गांव में झोलाछाप डाक्टर का मचा है आतंक और ग्रामीणों को दे रहा है धोखा ऐसे में के न्यूज की टीम ने जायजा लिया क्लीनिक का तो क्लीनिक के मालिक राम किषन ने पहले तो खुद को क्लीनिक का सफाई कर्मचारी बताया फिर बताया कि क्लीनिक के मालिक लखनऊ में रहते है और वह आते रहते है। जब आगे पूछा गया कि यहां पर कौन.कौन से मरीज आते है तो झोलाछाप ने कहा कि मेरे पास आयुर्वेदिक की डिग्री है और मै ही क्लीनिक का संचालन कर रहा हूं वैसे बुखार व कुपोशण रोग के मरीज आते है।
वही पूर्वी विधान सभा उपचुनाव प्रत्याषी जूही सिंह के कार्यक्रम में षिरकत कर रहे स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन से जब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ.साथ झोलाछाप डाक्टर के बारे में पूछा तो उनका जवाब ऐसा रहा कि वह किसी को भी तंग कर जाएगा उन्होने कहा हजारों डाक्टरों का संचालन कर लिया गया है और उन्हे ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जाए गा।
वही ग्रामीण की माने तो उनका साफ तौर पर कहना था कि सरकार की योजनाए केवल षहर तक ही सीमित है और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी नजर नही पड़ रही है यहां पर झोलाछाप डाक्टरों से इलाज कराना उनकी मजबूरी है और करे भी तो क्या करे। जहां ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य योजनाए फीकी है साथ ही गांवो की माने तो सभी गांवों वाले इन झोलाछाप डाक्टरों के भरोसे ही जीवन व्यतीत कर रहे है।
बताते चलें कि सीएमओ एसएनएस यादव की तरफ से यह निर्देश बीते सोमवार को निरालानगर क्रासिंग स्थिात एक अल्ट्राससाउंड सेंटर को सील किए जाने के बाद आया है। इसमें कहा गया है कि 2ध्2 फिट के आकार के बोर्ड या वॉल पेंटिग जिसकी पृष्ठेभूमि पीले रंग की हो। उस पर डॉक्टकर का नामएमोबाइल नंबरए प्रदेश स्तररीय पंजीकरण संख्या्ए मुख्यो चिकित्सा धिकारी द्वारा जारी पंजीकरण संख्या्र का विवरण अवश्य̋ दें। साथ ही यह सूचना जन सामान्य को दिखाई देने वाले स्था्न पर ही अंकित कराने का निर्देश दिया गया है।
डॉक्टरों की छवि को देख कदम उठाना जरूरी
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एसएनएस यादव ने बताया कि राजधानी में कथित झोलाछाप और गैरण्पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा निजी हित में जनण्सामान्य के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर कुशल डॉक्टऔरों की छवि बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों का मर्ज भी बढ़ रहा है। उन्हों ने कहा कि इस पर रोक लगाने के उदेश्यि से यह कदम उठाया गया है।
निर्देश का पालन जरूरी
सीएमओ ने बताया कि जो निर्देश जारी किए गए हैंए उनका पालन करना अनिवार्य है। यदि किसी डॉक्टेर के क्लीहनिक के सामने यह नहीं दिखाई देता है तो आदेश के उल्लंहघन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
महत्वपूर्ण प्रष्न
1- अगर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं है तो क्यो चला रहे झोलाछाप डाक्टर क्लीनिक
2- झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ सीएमओ एसएन यादव ने पहले क्यो नही षुरू की मुहीम
3- स्वास्थ्य मंत्री से झोलाछाप डाक्टरो के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब रहा की हजारो डाक्टरों को भेजा जाएगां गांवो मेंए पहले क्यो नही सोचा इस बारे में
4- मंत्री जी के जवाब से यह भी पता चल गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डाक्टरों की संख्या कम है ऐसा क्यो
5- आखिर कब तक रहे गें ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरो के भरोसे है गांवों वाले
6- गांव में नही दिखा किसी भी क्लीनिक बोर्ड पर डाक्टर का नाम या फोन नंबर जब कि सीएमओ का ओदष है।
7- ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नही हो रही जांच सिर्फ राजधानी तक ही क्यो सीमित है जांच
8- आखिर राजधानी के मुकाबले क्यो बदहाल के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं